इजरायल और ईरान के बीच युद्ध तनाव

 


इजरायल और ईरान के बीच तनाव एक लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी का परिणाम है, जो हाल ही में सीधे सैन्य टकराव में बदल गई है। इस तनाव के कई प्रमुख कारण और हालिया घटनाक्रम इस प्रकार हैं:

तनाव के मुख्य कारण:

 * ईरान का परमाणु कार्यक्रम: इजरायल को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है, जिसे वह अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है। इजरायल लगातार ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाता रहा है। G7 देशों ने भी हाल ही में कहा है कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं रख सकता।

 * क्षेत्रीय प्रभाव: दोनों देश मध्य पूर्व में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं। ईरान विभिन्न प्रॉक्सी समूहों, जैसे लेबनान में हिजबुल्लाह और गाजा में हमास, को समर्थन देता है, जिन्हें इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।

 * इजरायल का अस्तित्व: ईरान, 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से, इजरायल के अस्तित्व को चुनौती देता रहा है और उसे एक "अवैध इकाई" मानता है।

 * ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1979 से पहले इजरायल और ईरान के संबंध ठीक थे, लेकिन क्रांति के बाद से ये संबंध पूरी तरह से बदल गए और दुश्मनी का दौर शुरू हो गया।

हालिया घटनाक्रम और ताजा अपडेट:


 * सीधा सैन्य टकराव: हाल ही में, इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए, जिसमें ईरानी सैन्य कमांडर और परमाणु वैज्ञानिकों की मौत की खबरें आईं। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइल हमले किए, जिससे तेल अवीव और अन्य शहरों में नुकसान हुआ।

 * नागरिक हताहत: इजरायली हमलों में ईरानी नागरिकों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हवाई हमलों की लगातार चार रातों के बाद कम से कम 230 लोग मारे गए हैं, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत नागरिक बताए जा रहे हैं।

 * ईरान की परमाणु संधि से बाहर आने की तैयारी: इजरायल से तनाव के बीच, ईरान परमाणु अप्रसार संधि से बाहर आने की तैयारी कर रहा है, जिससे उसके परमाणु हथियार बनाने की आशंका और बढ़ गई है।

 * G7 का समर्थन: G7 नेताओं ने इजरायल का खुलकर समर्थन किया है और कहा है कि इजरायल को अपनी आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।

 * भारत की एडवाइजरी: भारतीय दूतावास ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें तेहरान छोड़ने और सुरक्षित स्थान पर चले जाने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 1500 कश्मीरी छात्र, जिनमें अधिकतर मेडिकल के विद्यार्थी हैं, ईरान में फंसे हुए हैं।

 * तेल की कीमतों में वृद्धि: इजरायल-ईरान तनाव बढ़ने का असर तेल की कीमतों पर भी दिखने लगा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 2% से अधिक बढ़ गई हैं।

 * युद्धविराम से इनकार: ईरान ने युद्धविराम वार्ता को खारिज कर दिया है, जबकि इजरायली हमले जारी हैं।

यह स्थिति मध्य पूर्व में और अधिक अस्थिरता पैदा कर सकती है और क्षेत्रीय युद्ध की आशंका को बढ़ा सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है और तनाव को कम करने के प्रयास कि

ए जा रहे हैं।

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